कोरबा , कोरबा जिलान्तर्गत कुदमुरा वनपरिक्षेत्र में हाथियों की मौजूदगी बनी हुई है। इनकी निगरानी में वन अमला जुटा हुआ है। इसके बावजूद कुछ शरारती तत्व उनके आसपास पहुंच पेड़ों पर चढ़कर वीडियो बनाते हुए अपनी जान को जोखिम में डाल रहे हैं। ऐसी ही एक घटित घटना में एक युवक हाथी के हमले का शिकार होते-होते बाल-बाल बच गया। हाथी से बचने के प्रयास में वह घायल हो गया। जिसे उपचार के लिए चिकित्सालय में दाखिल कराया गया।
जानकारी के अनुसार कोरबा वनमंडल के कुदमुरा वनपरिक्षेत्र अन्तर्गत जिल्गा से लगे हुए ग्राम कलमीटिकरा में एक नर, छह मादा व दो शावक सहित 9 हाथियों का झुंड विचरण कर रहा है। कलमीटिकरा के समीपस्थ जंगल में हाथियों को देखने भारी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए। इस दौरान कुछ उपद्रवी व शरारती लोगों ने पेड़ों पर चढ़कर मोबाइल से हाथियों का वीडियो बनाना शुरू कर दिया। ग्राम कलमीटिकरा निवासी ग्रामीण भी हाथियों के दल के काफी पास पहुंच गया। हाथियों को नजदीक देखकर वह हड़बड़ा गया। हाथियों से बचने के प्रयास में वह घायल हो गया। घटना के तत्काल बाद शाम 7 बजे घायल युवक को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र करतला पहुंचाया गया। जहां वन व जलवायु परिवर्तन विभाग ने मरीज के त्वरित इलाज की व्यवस्था कराई। इसके साथ ही विभाग द्वारा घायल की पत्नी को दो हजार रूपए की तात्कालिक सहायता राशि प्रदान की।
घटना के बाद वन विभाग ने ग्रामीणों को हाथियों के समीप न जाने की हिदायत दी है। अधिकारियों ने कहा कि हाथियों को डराने, हल्ला करने और छेड़ने से उन्हें दीर्घकालिक मानसिक तनाव पहुंचता है। इस प्रवृत्ति से हाथियों में मानवों के प्रति तीव्र रोष उत्पन्न होता है, तो भविष्य में जानमाल की भारी नुकसानी का कारण बनता है। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि हाथी मानव द्वंद रोकने तथा ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए विभाग द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। थर्मल ड्रोन के माध्यम से हाथियों की मॉनिटरिंग और ट्रैकिंग की जा रही है। गज संकेत ऐप का उपयोग के साथ अति संवेदनशील गांवों के लिए वाट्सअप ग्रुप का निर्माण किया गया है, ताकि हाथियों की लोकेशन तुरंत मिल सके। रेडिया प्रसारण तथा अन्य माध्यम से सतर्कता संदेश जारी किए जा रहे हैं। हाथी मित्रदल को तैनात करने के साथ संवेदनशील मार्गों पर अस्थायी बेरिकेडिंग कर लोगों को सतर्क किया जा रहा है।




