राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग, भाजपा पर साधा निशाना
कोरबा,शहर की राजनीति में भगवान राम के मुद्दे को लेकर सियासी माहौल गर्म हो गया है। पूर्व राजस्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता जयसिंह अग्रवाल ने रविवार को टीपी नगर स्थित कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भगवान राम किसी एक राजनीतिक दल की जागीर नहीं हैं, बल्कि देश के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र हैं।
जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि भाजपा ने भगवान राम को सत्ता प्राप्ति का माध्यम बना लिया है, जबकि भगवान राम मर्यादा, सत्य और न्याय के प्रतीक हैं। उन्होंने राम मंदिर में चढ़ावे की कथित गड़बड़ी के मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि यह केवल आर्थिक अनियमितता का विषय नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं से जुड़ा मामला है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे प्रकरण में भाजपा नेताओं की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। यदि मामला भगवान राम की आस्था से जुड़ा है तो सत्ता पक्ष को खुलकर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार जांच के नाम पर केवल छोटे कर्मचारियों और निचले स्तर के लोगों पर कार्रवाई कर रही है, जबकि वास्तविक जिम्मेदार अब भी कानून की पकड़ से बाहर हैं।
पूर्व मंत्री ने कहा, “सरकार छोटी मछलियों को फंसाकर मगरमच्छों को बचाने में लगी हुई है। जब तक पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच नहीं होगी, तब तक सच्चाई सामने नहीं आएगी।” उन्होंने मांग की कि राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण की समयबद्ध, पारदर्शी और निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा दोषी चाहे कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि यह मुद्दा किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की धार्मिक आस्था से जुड़ा हुआ है। इसलिए इसकी जांच पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ होना आवश्यक है। प्रेस वार्ता के अंत में उन्होंने कहा कि “राम पूरे देश के हैं, किसी पार्टी के नहीं। भगवान राम को राजनीति का हथियार बनाने के बजाय उनकी मर्यादा और श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान किया जाना चाहिए।”




