0 मासूम बच्ची को श्रद्धांजलि कार्यक्रम में कथित आपत्तिजनक शब्दों के इस्तेमाल पर सवाल, भाजपा नेतृत्व की चुप्पी पर भी उठ रही चर्चा
कोरबा,रजगामार क्षेत्र में सात वर्षीय मासूम बच्ची के साथ हुई जघन्य घटना को लेकर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में भाजपा नेत्री कविता सोनी के कथित अमर्यादित बयान को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। सोशल मीडिया पर बयान वायरल होने के बाद सार्वजनिक माफी की मांग उठ रही है। वहीं, मामले में भाजपा संगठन की ओर से अब तक किसी स्पष्ट कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आने पर भी सवाल किए जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, 19 अक्टूबर को रजगामार क्षेत्र से लापता हुई सात वर्षीय बच्ची का शव 22 अक्टूबर को गांव के श्मशान घाट में मिला था। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इस मामले में विभिन्न संगठनों और नागरिकों ने विरोध प्रदर्शन, कैंडल मार्च और श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित कर आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है।
0 श्रद्धांजलि कार्यक्रम में बयान को लेकर विवाद
25 अक्टूबर को टीपी नगर चौक पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में विभिन्न संगठनों के लोग शामिल हुए। इसी दौरान भाजपा नेत्री कविता सोनी ने घटना को लेकर आक्रोश व्यक्त किया। आरोप है कि अपनी बात रखते समय उन्होंने कुछ ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया, जिन्हें अमर्यादित और आपत्तिजनक माना जा रहा है। उनका बयान सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद मामला चर्चा में आ गया है।
सार्वजनिक माफी की मांग, संगठन से भी सवाल
विवाद के बाद अब तक कविता सोनी की ओर से सार्वजनिक माफी सामने नहीं आने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि मासूम बच्ची जैसी संवेदनशील घटना पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में शब्दों की मर्यादा बनाए रखना आवश्यक है। उनका मानना है कि यदि बयान में अनुचित भाषा का इस्तेमाल हुआ है, तो संबंधित नेत्री को अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त करना चाहिए।
0 भाजपा नेतृत्व की चुप्पी पर उठे सवाल
इस पूरे मामले में भाजपा के जिला स्तरीय नेतृत्व और महिला मोर्चा की भूमिका को लेकर भी चर्चा हो रही है। सवाल उठाए जा रहे हैं कि यदि बयान को लेकर संगठन के संज्ञान में मामला आया है, तो अब तक क्या कदम उठाए गए हैं? क्या संबंधित नेत्री को नोटिस जारी किया गया है और क्या संगठन की अनुशासन समिति इस मामले की जांच कर रही है? इन सवालों पर संगठन की ओर से स्पष्ट जानकारी सामने आना बाकी है।
0 संवेदनशील मामले में मर्यादा और जवाबदेही जरूरी
मासूम बच्ची के साथ हुई घटना ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश पैदा किया है। ऐसे संवेदनशील मामले में पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग के साथ-साथ सार्वजनिक मंचों पर मर्यादित भाषा का इस्तेमाल भी महत्वपूर्ण है। अब देखना होगा कि भाजपा संगठन इस विवाद पर अपना पक्ष कब स्पष्ट करता है और संबंधित बयान को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं।



