

कोरबा, जिला कलेक्टोरेट परिसर, जिसे प्रशासनिक गतिविधियों का केंद्र माना जाता है, इन दिनों अव्यवस्था और गंदगी को लेकर चर्चा में है। परिसर में शराब की खाली बोतलें, डिस्पोजल ग्लास तथा पैकिंग वाले भोजन के खाली डिब्बे पड़े मिलने से कई सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार कलेक्टोरेट परिसर के विभिन्न हिस्सों में शराब की खाली बोतलें और डिस्पोजल सामग्री देखी गई। वहीं खाने के पैकिंग बॉक्स और अन्य कचरा भी परिसर में बिखरा पड़ा मिला, जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि परिसर के कुछ हिस्से कूड़ादान में तब्दील होते जा रहे हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि कलेक्टोरेट जैसे संवेदनशील और सुरक्षित परिसर में शराब की बोतलें आखिर पहुंची कैसे? क्या इसमें किसी कर्मचारी की संलिप्तता है या फिर असामाजिक तत्व परिसर को अपना अड्डा बना रहे हैं? यदि बाहरी लोग परिसर में इस तरह की गतिविधियां कर रहे हैं तो सुरक्षा व्यवस्था पर भी प्रश्नचिह्न लगना स्वाभाविक है।
परिसर में फैली गंदगी और कचरे से आम नागरिकों के बीच भी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि जहां से पूरे जिले की व्यवस्था संचालित होती है, वहीं स्वच्छता और अनुशासन की ऐसी स्थिति चिंताजनक है।
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मामले की जांच कराने, परिसर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने तथा नियमित सफाई सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि कलेक्टोरेट परिसर की गरिमा और स्वच्छता बनी रहे।
















