

कोरबा,छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकपरंपरा, भाईचारा और सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक भोजली विसर्जन पर्व का आयोजन ग्राम जवाली में बड़े ही उत्साह, श्रद्धा और भव्यता के साथ किया गया। दो दिनों तक चले धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने पूरे गांव को भक्तिमय वातावरण से सराबोर कर दिया।
आयोजन के प्रथम दिवस महिला मंडली द्वारा कीर्तन एवं द्वितीय दिवस रामायण मंडली द्वारा भजन-कीर्तन प्रस्तुत किया गया। इन धार्मिक आयोजनों से गांव में आध्यात्मिक माहौल बना रहा और ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाई।
विसर्जन दिवस पर बाजारपारा से 80, बाबा मोहल्ला से 24, सड़क मोहल्ला से 8 तथा कोनहापारा से 16 भोजली को विधिवत तैयार कर महिलाओं एवं बहनों ने श्रद्धापूर्वक विसर्जन यात्रा में भाग लिया। सैकड़ों ग्रामीणों की उपस्थिति में मां ऑडियो डीजे की धुन पर निकाली गई भव्य शोभायात्रा गांव के प्रमुख चौक-चौराहों से होते हुए खोलार नदिया पहुंची, जहां विधिवत पूजा-अर्चना के बाद भोजली का विसर्जन किया गया।
यात्रा के दौरान छत्तीसगढ़ी लोकसंस्कृति, पारंपरिक वेशभूषा और सामाजिक एकता की सुंदर झलक देखने को मिली। कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य सुषमा रवि रजक, जनपद सदस्य कमल बेलदार, विधायक प्रतिनिधि नरेंद्र तांडिया सहित मनोज कुमार पटेल, केशी कुमार आदिवासी, महिपाल, गोपाल, सूरीत लाल, भूपेंद्र कुमार, थान सिंह, शिवा, हेमलाल एवं वीरेंद्र नामदेव सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम संयोजक दीपक पटेल के मार्गदर्शन में आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। महिला प्रमुख कांतिबाई, कमलाबाई, सुमित्राबाई, रिमलाबाई, खररामती एवं पथीन सहित शारदा, पूजा, पूनम और दुर्गेश नंदनी ने सक्रिय भूमिका निभाई। वहीं विनीत कुमार एवं रामकुमार का आयोजन में सराहनीय योगदान रहा। पूजा-अर्चना में छेदीलाल बैंगा ने सहयोग प्रदान किया। विसर्जन से पूर्व आयोजन समिति द्वारा ग्रामीणों के लिए स्वल्पाहार की विशेष व्यवस्था भी की गई।
ग्रामीणों ने इस आयोजन को छत्तीसगढ़ी संस्कृति और सामाजिक सौहार्द का जीवंत उदाहरण बताते हुए भविष्य में भी इसी उत्साह के साथ पर्व मनाने का संकल्प लिया।
















