कोरबा , सक्ती से करतला रेंज पहुंचे हाथियों ने ग्राम बोकरदा में उत्पात मचाया। जानकारी के अनुसार हाथियों के दल ने एक झोपड़ी को पूरी तरह तोड़ दिया, जिससे वहां रहने वाले परिवार को भारी नुकसान उठाना पड़ा। ग्रामीणों के अनुसार, हाथियों का दल देर रात खेतों की ओर बढ़ा और रास्ते में आने वाली फसलों को रौंदता चला गया। इस दौरान 5 किसानों की खड़ी फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई।
किसानों ने बताया कि धान और अन्य फसलें तैयार थीं, लेकिन एक ही रात में सब चौपट हो गया। घटना के बाद ग्राम में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग को इसकी सूचना दी, लेकिन हाथियों के जंगल की ओर लौटने के बाद ही स्थिति सामान्य हो सकी। किसानों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है। उनका कहना है कि लगातार हो रहे नुकसान से उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर होती जा रही है। यदि जल्द राहत नहीं मिली तो खेती करना मुश्किल हो जाएगा।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। साथ ही नुकसान का आंकलन कर मुआवजा का भुगतान किया जाएगा। करतला रेंज में ही घूम रहे दंतैल के धरमजयगढ़ वन मंडल वापस जाने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। हाथियों ने बोकरदा गांव में 6 किसानों की धान की फसल को चौपट कर दिया है। वहीं बाकी हाथी पहले से ही धरमजयगढ़ वन मंडल लौट चुके हैं। कटघोरा वन मंडल में जरूर 50 से अधिक हाथी अभी भी घूम रहे हैं। 48 हाथी जटगा रेंज के जंगल में है। यहां से हाथी कोरिया और मरवाही वन मंडल की ओर भी भोजन की तलाश में चले जाते हैं। इसके बाद फिर से लौट आते हैं। वन विभाग की टीम हाथियों की निगरानी कर रही है।



