कोरबा

डीजल और कोयला की चोरी , तस्करी जोरों पर, स्थानीय और पड़ोसी माफिया सक्रिय


0 एसईसीएल प्रबंधन भी है रोकने में नाकाम

कोरबा, जिले के पाली कुसमुंडा और गेवरा – दीपिका में डीजल और कोयला चोरी और तस्करी जोरों पर है। यहां चेहरे बदलकर काम कराया जा रहा है। पड़ोसी जिला बिलासपुर से लगे होने का भरपूर फायदा पाली के कोयला, डीजल तस्कर/माफिया उठा रहे हैं और संबंधित विभाग अंजान हैं। कुसमुंडा गेवरा दीपका और पाली में डीजल और कोयला माफिया चुनौती देने में कोई गुरेज नहीं कर रहे हैं।


विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जिले के सीमांत पाली ब्लॉक के ग्राम बुड़बुड़ में संचालित हो रही एसईसीएल कोरबा क्षेत्र की सरायपाली परियोजना खदान इन दिनों कोयला माफियाओं के खास निशाने पर है। यहां रुक-रुक कर लेकिन पिछले दो-ढाई महीने से कोयले की चोरी करवाई जा रही है। वर्तमान में यह काम पूरे शवाब पर है जिसमें स्थानीय लोग संलिप्त हैं। चोरी का कोयला खरीदकर रात के अंधेरे में मालवाहनों में अवैध भंडारण स्थल से लोड करवाकर पड़ोसी बिलासपुर जिले के प्रारंभिक सीमा से लगे क्षेत्र में संचालित डिपो में धड़ल्ले से खपाया जा रहा है। कुसमुंडा , दीपिका और पाली थाना क्षेत्र में अवैध कारोबार संचालित होने के बाद भी कार्यवाही नहीं कर पा रहे अमले के द्वारा ग्रामीणों पर ठीकरा फोड़ा जा रहा है कि वे इसकी चोरी करते हैं, जबकि चोरी करवाने और चोरी का कोयला खरीदने तथा इसे खपाने वालों तक पुलिस व खनिज अमले के हाथ जान-बूझकर नहीं पहुंच पा रहे हैं। कार्यवाही होने से पहले तस्करों को फोन के माध्यम से सूचित कर दिया जाता है इसके बाद तस्कर हरकत में आकर कुछ दिन के लिए काम बंद कर देते हैं इसके बाद मामला ठंडा होने के बाद फिर से पुराने तरीके से कोयला डीजल की चोरी माफियाओं के द्वारा किया जाता है अवैध कारोबार पर सख्ती की अनदेखी का पूरा लाभ डीजल कोयला माफिया उठा रहे हैं सूत्रों के अनुसार पड़ोसी जिलों से इसका भरपूर संरक्षण संबंधित विभाग को मिल रहे हैं जिसका पूरा लाभ माफिया द्वारा उठाया जा रहा है माफिया अपने जिले से कुसमुंडा गेवरा दीपिका और कोरबा-पाली आकर सक्रिय हैं। इनका नेटवर्क ध्वस्त करना इसलिये भी चुनौती है कि स्थानीय स्तर पर संरक्षण और सांठगांठ से माफियाओं के मनोबल बढ़ा है।

0 *आखिर क्यों नहीं होती है कार्रवाई*

लगातार डीजल चोरों का आतंक बढ़ते जा रहा है आखिर क्यों इन माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करने में आनाकानी की जाती है यदि करवाई होती है तो केवल नाम मात्रा होती है इसके बाद फिर से गिरोह द्वारा अपना काम शुरू कर देते हैं सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि कुसमुंडा खदान में शब्बीर के द्वारा चोरी का काम कराया जा रहा है। इसी तरह दीपका व गेवरा खदान में श्यामलाल के संरक्षण में डीजल की चोरी की और कराई जा रही है। एसईसीएल की खदानों में चलने वाले भारी वाहन और डीजल चलित मशीनरी इनके निशाने पर है। पकड़ा गया वाहन शब्बीर गिरोह का होना बताया गया था । वैसे कुसमुंडा खदान में चोरी का डीजल बड़े पैमाने पर भीतर ही ट्रांसपोर्ट के चिन्हित वाहनों में खाली किया जा रहा है। बड़ी मात्रा में डीजल खदान से बाहर लाने के दौरान कभी-कभार ही धर-पकड़ होती है।

Ramesh Verma

Mob. 9144488800, 9685187361

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