समस्या: ऑटो चालकों की मनमानी जनता पर पड़ रही भारी ,देखें वीडियो
0 गलती ऊपर से सीना जोरी, ऑटो संघ के आड़ पर किया जा रहा है गुंडागर्दी, महिला से किया गया अभद्र व्यवहार
कोरबा, शहर के आईटीआई कोसाबाड़ी, निहारिका, घंटाघर, सीएसईबी से गुजरने वाली मुख्य सड़क तथा आसपास के अन्य क्षेत्रों में सवारियों को ढोने वाले ऑटो रिक्शा नियमों को ताक पर रखकर लोगों के लिए असुविधा का कारण बन रहे हैं। गौरतलब है कि क्षेत्र में काफी संख्या में ऑटो रिक्शा हैं जो कि प्रतिदिन लोगों को इधर से उधर लाने व ले जाने का काम करते हैं। उक्त ऑटो रिक्शा ट्रैफिक नियमों को ताक पर रखकर लोगों की जान की परवाह किए बगैर सडकों पर मौत बन घूम रहे हैं। एक दूसरे से पहले व ज्यादा सवारिया बैठाने की होड़ में ऑटो चालकों का लडऩा-झगड़ना आम बात है। क्षमता से अधिक सवारियां बैठाकर ये कानून साथ-साथ सवारियों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। निहारिका घंटाघर बुधवारी सीतामढ़ी टीपी नगर रोड पर कहीं भी खड़ी सवारी को देखते ही ऑटो रिक्शा की ब्रेक लगा दी जाती है, रिक्शा चालकों को पीछे किसी वाहन के आने की कोई परवाह नहीं होती। ऑटो रिक्शा की अचानक ब्रेक लगने के कारण पीछे आ रहे वाहन चालकों को वाहन नियंत्रित करने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ता है। कई बार तो ब्रेक लगाते-लगाते वाहनों की टक्कर भी हो जाती है । स्थानिय दुकानदारों ने बताया कि कोई दुर्घटना होने पर आटो चालक उल्टा दूसरे वाहन चालक का ही कसूर निकालकर झगड़ने लगते हं । एक ऐसा ही मामला जिले में सामने आए हैं ऑटो संघ के आड़ में गुंडागर्दी का वीडियो सामने आया है जहां एक कार चालक को ऑटो चालको ने घेर कर हाथापाई करते हुए कहा कि बड़े-बड़े नेता गए ऑटो संघ से ऑटो संघ बड़े-बड़े दिग्गज नेता को मारते हैं,इस प्रकार खुलेआम ऑटो संघ के नाम पर आम पब्लिक से गुंडागर्दी ऑटो चालक कर रहे हैं वैसे तो ऑटो चालकों द्वारा नियम विरुद्ध ऑटो में ठूस ठूस कर सवारी भरते हैं, रॉन्ग साइड से तेज गति से ऑटो चलते हुए कहीं भी अचानक रोक देते हैं जिससे दुर्घटनाओं की संभावना बनी रहती है, और कोई भी पब्लिक अगर इनके आटो में धोखे से भी अपनी गाड़ी को टच कर दिया तो पूरे ऑटो चालक एकजुट होकर उस पर टूट पड़ते हैं और ऑटो संघ की आड़ में उसको धमकाते हुए हाथापाई में उतर आते हैं, और ऑटो संघ की आड़ को लेकर गुंडागर्दी करते हैं वीडियो वायरल होने के बाद जब ऑटो संघ के सदस्य से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि जो आदमी वीडियो में दिख रहा है वह आम आदमी है लेकिन वह आम आदमी केवल ऑटो संघ का ही नाम क्यों ले रहा है
0ज्यादा पैसा कमाने के लिए ओवरलोड:
आटो चालकों के लिए पैसे के आगे किसी सवारी की जान की कोई कीमत नहीं है क्योंकि चालक आटो में क्षमता से कई गुणा ज्यादा सवारियां बैठाकर चलते हैं। यहां तक कि चालक द्वारा अपने दोनों ओर भी सवारियों को बैठा लिया जाता है।



