शिव मंदिर में राजस्व मंत्री ने कराया प्रसाद वितरण ,धूमधाम से मनाया गया नागपंचमी का पर्व


कोरबा नाग पंचमी और सावन के सातवें सोमवार के अवसर पर प्रदेश के राजस्व मंत्री एवं विधायक जयसिंह अग्रवाल के द्वारा वार्ड क्रमांक 33 रामपुर सिंचाई कॉलोनी शिव मंदिर में प्रसाद वितरण कराया गया सैकड़ो श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया जिले भर में नागपंचमी का पर्व धूमधाम के साथ मनाया गया। शिव के सबसे प्रिय नाग देवता के इस पर्व में घर घर महिलाओं ने विशेष पूजा अर्चना की। शिव मंदिरों में भक्तों की भीड़ देखने को मिली तो वहीं नागदेव का जगह जगह पूजन किया गया। लोगों ने कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए विभिन्न मंदिरों, नदी व जलाशयों के पास पूजा अर्चना कराई। वहीं पर्व के अवसर पर राजस्व मंत्री द्वारा सिंचाई कॉलोनी रामपुर में प्रसाद वितरण कराया इस अवसर पर वार्ड पार्षद पालूराम साहू, वार्ड अध्यक्ष रमेश वर्मा, संजू पैकरा ,लोक नाथ निर्मलकर, दशरथ चौहान जी गोविंद सहित वार्ड वासी उपस्थित थे नागपंचमी के अवसर पर घर में सुख सम्पन्नता व समृद्धि के लिए सुबह परम्परागत परिधानों में सजी धजी महिलाओं और लड़कियों ने शिवमंदिर पहुंच पूजा अर्चना की। सुबह से घरों के बाहर गोबर से नाग देव का चिन्ह बनाकर उसकी पूजा व पुष्प अर्पित किए और सौभाग्य की कामना की। महिलाओं ने नागदेव की कथा भी सुनी। मंदिरों के बाहर मेले सा माहौल रहा। सावन होने के चलते शिव मंदिरों के बाहर सपेरों की भीड़ भी दिखाई पड़ी। मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं ने नागदेव को दूध पिलाया और दान दक्षिणा दी। भोले के भक्तों ने जहां मंदिर में दर्शन किए, वहीं नाग के जोड़े के आगे भी श्रद्धा के साथ नतमस्तक हुए। जिन लोगों की जन्मकुंडली में कालसर्प दोष है उन्होंने दोष से निवारण के लिए खास पूजा की। शिवालय और नदियों के तट पर पूजन अर्चन कर इस दोष से मुक्ति का उपाय किया।
नाग पंचमी के अवसर पर शाम पहर घरों में महिलाओं ने गाय का दूध रखा। मान्यता है कि इस दिन सांपों को दूध पिलाने से काल से मुक्ति मिलती है और परिवार पुण्य लाभ का भागीदार बनता है।
सावन और उसमें नागपंचमी के अवसर पर गांवों में बच्चों और महिलाओं ने जमकर झूले का लुत्फ उठाया। सुबह से पड़े झूलों में देर शाम तक भीड़ जमा रही। शादी के बाद पहली बार नाग पंचमी का पर्व पड़ने पर नवविवाहिताएं अपने मायके पहुंची तो उन्होंने सलेहियों के साथ जमकर मस्ती की। घरों में मिठाइयां और पकवान तैयार किए गए।
0 मंदिरों में नागदेवता की हुई पूजा अर्चना
शिव मंदिरों में बेलपत्र और जलाभिषेक करने की भक्तों की भीड़ रही। पौराणिक मान्यताओँ के अनुसार नाग पूज्यनीय है। भगवान शिव के गले में आभूषण की भांति नागदेव विराजमान रहते हैं।




