कोरबा
ग्राम ढपढप पहुंच पुलिस अधीक्षक ने ‘हनुमंत कथा’ से पहले सुरक्षा तैयारियों का लिया जायजा

0 लाखों श्रद्धालुओं की व्यवस्था पर विशेष फोकस
कोरबा ,कोरबा-पश्चिम में बांकीमोंगरा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम ढपढप में आयोजित होने वाली भव्य दिव्य श्री हनुमंत कथा को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। इसी क्रम में कोरबा जिला पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी स्वयं कथा स्थल पहुंचे और वहां की व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने कथा स्थल पर बन रहे विशाल पंडाल, श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था, आने-जाने के मार्ग, पार्किंग स्थल, अस्थायी दुकानों एवं मेला क्षेत्र के लिए चयनित स्थानों का विस्तृत अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आयोजन में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो और श्रद्धालुओं को सुगम एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाए।
- लाखों श्रद्धालुओं के आगमन की जताई जा रही संभावना
28 मार्च से प्रारंभ होने वाली इस पांच दिवसीय ‘हनुमंत कथा’ में प्रसिद्ध कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा कथा वाचन किया जाएगा। इस भव्य आयोजन में कोरबा ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। - 21 हजार महिलाओं की निकलेगी भव्य कलश यात्रा
कथा के एक दिवस पूर्व ग्राम ढेलवाडीह से कथा स्थल तक लगभग 21 हजार माता-बहनों द्वारा भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी, जो इस आयोजन को और भी ऐतिहासिक और भव्य बनाएगी। इसे लेकर प्रशासन और आयोजन समिति विशेष तैयारियों में जुटी हुई है। - सुरक्षा व्यवस्था होगी चाक-चौबंद
पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि इतनी बड़ी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सुदृढ़ और सतर्क रखी जाए। असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल, निगरानी व्यवस्था और ट्रैफिक कंट्रोल की विशेष योजना बनाई जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। - 0 वरिष्ठ अधिकारियों की रही मौजूदगी
इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, कटघोरा एसडीओपी, दर्री सीएसपी सहित कटघोरा और बांकी थाना प्रभारी भी उपस्थित रहे और व्यवस्थाओं को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश प्राप्त किए।
ढपढप में होने वाली ‘दिव्य श्री हनुमंत कथा’ को लेकर प्रशासन और आयोजन समिति दोनों पूरी मुस्तैदी से जुटे हुए हैं। सुरक्षा, व्यवस्था और भव्यता तीनों स्तर पर यह आयोजन जिले के लिए एक ऐतिहासिक मिसाल बनने की ओर अग्रसर है।




