लगभग 8 हजार शासकीय अधिकारी/कर्मचारी जिले में संपन्न कराएंगे विधानसभा चुनाव संपन्न
0 चारों विधानसभा के 1080 मतदान केंद्रों पर लगभग 6 हजार कर्मचारियों की लगेगी ड्यूटी

0 लगभग 2 हजार अधिकारी/कर्मचारी कराएंगे प्रारंभिक प्रक्रिया संपन्न
0 सी-विजिल ऐप से राजनीतिक दलों के प्रलोभन, नियमों की अनदेखी पर आमजन कर सकेंगे शिकायत
कोरबा, प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2023 के लिए तारीखों का एलान हो चुका हैं। जिले में दूसरे चरण में 17 नवंबर को चारों विधानसभा सीटों के लिए मतदान होंगे। इसके लिए 21 अक्टूबर से नामांकन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। शासन के विभिन्न विभागों के अधीन कार्यरत लगभग 8 हजार शासकीय कर्मचारी इस चुनावी महाकुंभ को सफल बनाने अपना योगदान देंगे। इसमें प्रारंभिक कार्य में लगभग 2 हजार अधिकारी/कर्मचारियों की ड्यूटी निर्वाचन कार्यों में लग गई है। वहीं 1080 मतदान केंद्रों में चुनाव संपन्न कराने लगभग 6 हजार कर्मचारियों की ड्यूटी लगेगी। साथ ही सी-विजिल ऐप से आम जनता चुनाव के दौरान मतदाताओं को प्रलोभित प्रभावित करने वालों के विरुद्ध शिकायत दर्ज करा सकेंगे। जो पूरी तरह गोपनीय रहेगा। जिला निर्वाचन कार्यालय ने समस्त प्रक्रिया शुरू कर दी है।
जिले के चारों विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-20 रामपुर (अजजा) में 284, क्षेत्र क्रमांक-21 कोरबा में 243, क्षेत्र क्रमांक-22 कटघोरा में 253 एवं क्षेत्र क्रमांक-23 पाली-तानाखार (अजजा) में 300 मतदान केंद्र बनाये गए हैं। जिले में कुल 1080 मतदान केंद्र हैं। प्रत्येक मतदान केंद्रों में एक पीठासीन अधिकारी व 3 सहायक मतदान अधिकारी की ड्यूटी लगती है। साथ ही 25% कर्मचारी रिजर्व में रखे जाते हैं। इस लिहाज से 5400 कर्मचारियों की ड्यूटी लगेगी, निर्वाचन कार्यालय ने 6 हजार कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस कार्य में सबसे वृहद अमला होने के कारण शिक्षकों की ही ड्यूटी लगती है। वहीं मतदान पूर्व अन्य सभी महत्वपूर्ण कार्यों, टीमों के लिए भी कर्मचारियों की आवश्यकता पड़ती है। इस कार्य के लिए लगभग 2 हजार अधिकारी/कर्मचारी की ड्यूटी लगाई जा चुकी है। आचार संहिता लागू होते ही प्रत्येक कर्मचारी को जिला निर्वाचन अधिकारी के अनुमति के बगैर मुख्यालय छोंड़ने की अनुमति नहीं है। साथ ही अवकाश के लिए भी वैद्य कारणों के साथ अर्जी पर ही अनुमति मिलेगी, इस दौरान निर्वाचन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के सुचारू संपादन के लिए ऐक्षिक अवकाश निरस्त रहेंगे।
0 आडियो, वीडियो सहित नियमों और व्यय उल्लंघन की सी-विजिल एप से कर सकते हैं रिपोर्ट
सी-विजिल मोबाइल एप्लीकेशन निर्वाचन सीमा के भीतर प्रत्येक नागरिक को आवेदन में साइन-इन करके अपने मोबाइल फोन के माध्यम से फोटो, ऑडियो, वीडियो लेकर आदर्श आचार संहिता व व्यय उल्लंघन की रिपोर्ट करने की अनुमति देता है। एप नागरिकों को उनके व्यक्तिगत विवरण पहचान का खुलासा किए बिना गुमनाम रूप से शिकायत करने की भी अनुमति देता है। कलेक्टर ने जिले के सभी विधानसभाओं के लिए नियुक्त रिटर्निंग ऑफिसर सहित अन्य अधिकारियों को सी-विजिल मोबाइल एप्लीकेशन के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए हैं। सी-विजिल मोबाइल एप्लीकेशन को गूगल प्ले स्टोर व एप्पल स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। यह एप्लीकेशन नागरिक जुड़ाव और प्रवर्तन प्रक्रिया में भागीदारी को बढ़ावा देता है।
0 जियो-टैगिंग सुविधा से सटीक घटनास्थल जानने मिलेगी मदद
जब उपयोगकर्ता उल्लंघन की रिपोर्ट करने के लिए सी-विजिल में अपने कैमरे को चालू करते हैं, तो एप स्वचालित रूप से एक जियो-टैगिंग सुविधा को सक्षम करता है, जिससे फील्ड यूनिट की घटना के सटीक स्थान को जानने में मदद मिलती है। एप सभी आदर्श आचार संहिता उल्लंघन व शिकायतों तक पहुंच सकता है और रीयल-टाइम प्रगति की जांच कर सकता है। फील्ड यूनिट द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के बाद निर्णयकर्ता व रिटर्निंग अधिकारी सी-विजिल मामलों पर ड्रॉप, डिसाइड और एस्केलेट जैसी कार्रवाई कर सकते हैं। निर्वाचन को ठीक से संचालित करने के लिए विश्वास-आधारित साझेदारी की आवश्यकता है और यह मोबाइल एप्लीकेशन जागरूकता, विश्वास और आत्मविश्वास पैदा कर उस साझेदारी को सुगम बनाने में सहायक सिद्ध होता है।




