मां सर्वमंगला की महिमा अपरंपार, ज्योति कलश से जगमग हुए माता के दरबार , भक्तों की उमड़ रही भीड़



कोरबा, आदिशक्ति मां जगदंबा की उपासना का पर्व चैत्र नवरात्रि 30 मार्च से शुरू हो गया है और पूरे जिले में भक्ति का माहौल छाया हुआ है. इस पावन अवसर पर कोरबा वासियों की प्रथम आराध्य देवी, मां सर्वमंगला के मंदिर में भक्तों का तांता लगा हुआ है. हसदेव नदी के किनारे स्थित यह मंदिर न केवल कोरबा बल्कि पूरे देश और विदेश में अपनी महिमा के लिए जाना जाता है. मां सर्वमंगला के दरबार में भक्तों की अटूट आस्था का ही परिणाम है कि यहां मांगी गई हर मुराद पूरी होती है. यही कारण है कि राज्य और देश के कोने-कोने से ही नहीं, बल्कि सात समंदर पार से भी श्रद्धालु यहां माता के मंदिर में मनोकामना ज्योति कलश जलवाने आते हैं.

लगभग 124 साल पुराने इस मंदिर को लेकर कोरबा वासियों की आस्था इतनी गहरी है कि नवरात्र के समय यहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते हैं. प्रत्येक वर्ष दोनों ही नवरात्रों में यहां मनोकामना ज्योति कलश जलाए जाते हैं. इस चैत्र नवरात्रि में मंदिर के पुजारी मयंक पांडे ने बताया कि 5 हजार से ज्यादा तेल के और 700 से अधिक घी के मनोकामना द्वीप प्रज्वलित किए गए हैं.
इस मंदिर की नवरात्रि और भी खास है. मां सर्वमंगला के प्रति आस्था की डोर इतनी मजबूत है कि यह सीमाओं को भी पार कर जाती है. चैत्र नवरात्रि में ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, न्यूजीलैंड और इंडोनेशिया जैसे देशों में रहने वाले माता के भक्तों ने भी यहां ज्योत जलवाई है. यह देखकर लगता है कि मां सर्वमंगला की कृपा और आशीर्वाद हर जगह अपने भक्तों पर बना हुआ है. यह सचमुच अद्भुत है कि आज के आधुनिक युग में भी लोगों की आस्था और विश्वास इतना अटूट है. मां सर्वमंगला का मंदिर न केवल एक धार्मिक स्थल है, बल्कि यह एक ऐसा केंद्र भी है जो लोगों को जोड़ता है और उन्हें उम्मीद और शक्ति प्रदान करता है.