कोरबा

बलात्कार के मामले में सेटिंग करने वाले आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज, अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई

0 मामले में सेटिंग कराने की है ठगी

कोरबा, बलात्कार की शिकायत का निपटारा यूं ही समझौता कराकर थाना से रफा-दफा कराने पुलिस अधिकारियों के नाम व पहचान की आड़ में लगभग चार लाख रुपए वसूलने वालों पर आखिरकार अपराध दर्ज कर लिया गया है। अंततः जुर्म दर्ज होने से ऐसे लोगों में सन्नाटा है जो ऊंची पहुंच या पुलिस अधिकारी/कर्मियों से जान-पहचान की आड़ लेकर ठगने का काम करते हैं।
यह घटनाक्रम सिटी कोतवाली क्षेत्र के मानिकपुर पुलिस चौकी अंतर्गत एसईसीएल कॉलोनी निवासी मधु के साथ घटित हुआ है। उसके युवा भाई के विरुद्ध आरक्षित वर्ग की पीड़िता युवती ने शादी करने का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने और फिर मुकर जाने, आनाकानी करने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। हरदी बाजार थाना में हाल ही में दर्ज हुए इस मामले में आरोपी युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
पुलिस में FIR से पहले जब पीड़िता के द्वारा शिकायत की गई थी तब उसे रफ़ा-दफा करने व शिकायत को थाना से ही फ़ड़वा देने की बात कह कर मधु की परिचित और अक्सर उसके ब्यूटी पार्लर में ग्राहक के तौर पर आने वाली लक्ष्मी सिंह ने अपनी ऊंची पहुंच और पुलिस अधिकारियों से जान पहचान का हवाला देकर अपने साथी अरशद अली,तुलसीनगर राताखार के साथ मिलकर काम कराने का भरोसा दिया और भय दिखाया कि पैसा दोगे तो ही तुम्हारे भाई को जेल जाने से बचा पाओगे। एवज में अलग-अलग किस्तों में कुल मिलाकर लगभग चार लाख रुपये मधु से लक्ष्मी सिंह निवासी CSEB कालोनी ने वसूल किया। लेकिन काम न होने और बाद में युवक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज होने तथा जेल चले जाने के बाद लक्ष्मी ने मात्र 2 लाख रुपये वापस लौटाए। इस पूरे मामले में पुलिस की छवि खराब करने का भी काम लक्ष्मी और साथी अरशद के द्वारा किया गया। मधु ने अपने रूपयों की वापसी के लिए मानिकपुर चौकी में 20 नवंबर को लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए न्याय की गुहार लगाई थी। इस मामले को पुलिस अधीक्षक जितेंद्र शुक्ला ने काफी गंभीरता से लिया और तुरंत कार्रवाई के निर्देश कोतवाली टीआई निरीक्षक रूपक शर्मा को दिए। रूपक शर्मा के मार्गदर्शन में मानिकपुर चौकी प्रभारी एसआई प्रेमचन्द साहू ने आरोपी लक्ष्मी सिंह व अरशद के विरुद्ध धारा 388, 420, 34 भादवि के तहत भयादोहन एवं धोखाधड़ी का अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। अभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। बहरहाल पुलिस के नाम पर वसूली करने वालों के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध होने से ऐसे लोगों में खलबली मच गई है जो पुलिस अधिकारियों या कर्मियों से नजदीकी होना बताकर काम करा देने के एवज में लेन-देन करते हैं।

0 पहले भी ठगी कर चुका है अरशद,दर्ज है FIR
गौरतलब है कि अरशद अली के विरुद्ध 420 का एक और अपराध दर्ज है। नौकरी लगवाने का सब्जबाग दिखाकर गीता सिंह,भदरापारा बालको निवासी से एक लाख रूपये की धोखाधड़ी अरशद अली 42 साल पिता मुमताज अहमद तुलसी नगर व सुंदर यादव अमरैया पारा कर चुके हैं। पूर्व परिचित होने के नाते अरशद ने गीता को वर्ष 2020 में शासकीय नौकरी छात्रावास अधीक्षक के रूप में लगवाने का भरोसा दिलाया तथा ऊंची पहुंच, मंत्री के करीबी होने का जिक्र करते हुए नौकरी की 100 प्रतिशत गारंटी का विश्वास दिलाते 4 लाख रूपये मांगा। सुंदर यादव ने कई लोगों की नौकरी लगवाना और खुद को सरकारी विभाग में ऊंचे पद पर कार्यरत होना बताया था। दोनों के भरोसे में गीता ने HDFC बैंक से पर्सनल लोन लेकर सुंदर यादव की पत्नी टाटा देवी यादव के नाम जमा कराया। फिर 6 जनवरी 2020 को अरशद अली को मेडिकल बनाने के नाम पर नगद 10,000 रूपये दिया। कुल 1 लाख रूपये देने के बाद न तो नौकरी लगी न रुपये वापस मिले। 26.05.2021 को श्रीमती गीता सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराया।

Ramesh Verma

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