जिले सहित उपनगरी क्षेत्र में दाढ़ी वाले बाबा विश्वकर्मा जयंती की धूम

जगह-जगह भग भंडारे का आयोजन, बाजारों में रही रौनक

कोरबा. आज जिले सहित उपनगरीय क्षेत्र में भगवान विश्वकर्मा की धूमधाम से जंयती मनाई जा रही है। भगवान विश्वकर्मा को दुनिया का इंजीनियर माना गया है। वे ही प्रथम सृजनकर्ता हैं। ऊर्जाधानी के लिहाज से जिले में इस पर्व का खासा महत्व है। जिले के सभी बड़े व छोटे प्रतिष्ठानों में दिन भर चहल-पहल देखने को मिली । दुकानों, मोटर मैकेनिक व मशीनिरी समानों के उपयोग करने वाले लोग इस पर्व के लिए खासे उत्साहित दिखे। सुबह से ही लाई, बतासे व सजावटी सामानों की खूब बिक्री हुई।
श्रमिकों के आराध्य देव विश्वकर्मा जी की पूजा- आराधना रविवार को समूचे जिले में श्रद्घाभाव के साथ सार्वजनिक व निजी संस्थाओं में की गई। परंपरानुसार मूर्ति स्थापित कर व छायाचित्र के माध्यम से लोगों ने अपने-अपने प्रतिष्ठानों में एवं कार्य स्थल पर आय के स्रोत यंत्रों,लौह सामग्रियों की पूजा कर भगवान से कार्यक्षेत्र में उन्नति और तरक्की प्रदान किए जाने प्रार्थना की। यह पर्व नगर सहित विद्युत उत्पादक व क ालरी क्षेत्र में भक्तिभाव और उल्लास पूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर बाजार क्षेत्र में भी दिनभर पूजन का माहौल रहा।

माना जाता है कि भगवान विश्वकर्मा ने मानव को सुख-सुविधाएं प्रदान करने के लिए अनेक यंत्रों व शक्ति संपन्न भौतिक साधनों का निर्माण किया है। शिल्प संकायों कारखानों और उद्योगों में प्रत्येक वर्ष 17 सितंबर को भगवान विश्वकर्मा जयंती आयोजित की जाती है, जो लोग अपने कार्य को सफलतापूर्वक करना चाहते हैं वे देव विश्वकर्मा की ही पूजा करते हैं। खासकर औद्योगिक क्षेत्र फैक्ट्रियों, लोहे की दुकान, वाहन, शोरूम सर्विस सेंटर आदि में पूजा होती है।
इस मौके पर मशीनों और औजारों की सफाई एवं रंगरोगन किया जाता है। इस दिन ज्यादातर कल कारखाने बंद रहते हैं और लोग खुशी के साथ भगवान विश्वकर्मा की पूजा करते हैं। कई स्थानों पर भोग, भंडारे व प्रसाद की भी व्यवस्था की गई थी

0 संयत्रों में प्रवेश रहा प्रतिबंधित
संयत्रों में बाहर के लोगों के लिए प्रवेश प्रतिबंधित रहा। एसईसीएल, एनटीपीसी, सीएसईबी, बालको, लैंको सहित दूसरे संयत्रों में प्रवेश प्रतिबंधित रहा । इस दिन ग्रामीण क्षेत्रों से लोग शहर में भगवान विश्वकर्मा का दर्शन करने पहुंचते हैं। एसईसीएल वर्कशॉप में लोग भगवान के दर्शन करने पहुंचे थे ।
0 जगह-जगह विराजे श्रम के देवता
जिले के औद्योगिक संस्थानों और मोटर गैरेज, छापाखानों, फर्नीचर, चक्कियों, रेलवे के विभिन्न कार्यालयों में भगवान विश्वकर्मा की मूर्ति स्थापित कर सभी श्रमिको द्वारा सामूहिक रूप से सम्मिलित होकर पूजा- अर्चना की। इस अवसर पर भव्य पंडाल और झांकियों की सजावट की गई थी। नगर के शासकीय कार्यालय पीएचई, पीडब्लूडी, जलसंसाधन, विद्युत विभाग में भगवान विश्वकर्मा की मूर्ति की स्थापना कर शिल्पी देव की पूजा हुई

0 कर्मचारी हुए सम्मानित
विश्वकर्मा जंयती के दिन विभिन्न संस्थानों के कर्मचारियों को सम्मानित किया गया । वर्ष भर सस्थांन के लिए लग्न से कार्य करने वाले लोगों को इनाम के तौर पर उपहार दिया गया
जिला ऑटो संघ द्वारा पुराना बस स्टैंड परिसर में पूजा अर्चना की गई। सुभाष चौक और आईटीआई चौक के समीप भी ऑटो चालक प्रतिमा विराजित कर पूजा की । वहीं टैक्सी चालक भी टीपीनगर में धूमधाम से अर्चना किया गया। हर साल घंटाघर चौक में कारपेंटर संघ द्वारा भव्य पंडाल व मूर्ति विराजित कर दिनभर अनुष्ठान किए जाते हैं।




